लोग आपकी बुराई इतनी जल्दी क्यों मान लेते हैं? (इसके पीछे छिपी मनोविज्ञान) प्रस्तावना: जब एक अफवाह वर्षों की प्रतिष्ठा को नष्ट कर देती है क्या आपने कभी इस बात पर गहराई से विचार किया है कि जब आप किसी व्यक्ति की सफलता, उसकी ईमानदारी या उसकी अच्छाई के बारे में कोई बात सुनते हैं, तो आपको पहला विचार क्या आता है? प्रायः हम उस पर तुरंत विश्वास नहीं करते। हम प्रमाण मांगते हैं, तर्क करते हैं, और कहते हैं कि "मुझे तो ऐसा नहीं लगता, हो सकता है कि यह सिर्फ दिखावा हो।" लेकिन, जरा सोचिए कि यदि उसी व्यक्ति के बारे में कोई यह कह दे कि "वह तो बहुत घमंडी है," या "उसने धोखाधड़ी से यह मुकाम हासिल किया है," तो क्या हम तब भी सबूत मांगते हैं? अधिकांश मामलों में इसका उत्तर 'नहीं' होता है। एक सकारात्मक छवि को बनाने में वर्षों का कठिन परिश्रम, समर्पण और त्याग लग जाता है, लेकिन उस छवि को मिट्टी में मिलाने के लिए केवल एक नकारात्मक अफवाह या एक छोटी सी गपशप ही पर्याप्त होती है । ...